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March 10, 2025

महाराष्ट्र का महासमर, चुनावी बिसात पर कौन किस पर भारी?

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है, अब से ठीक एक महीने बाद महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को वोटिंग की जाएगी, जिसके नतीजे 24 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में आचार संहिता लागू हो गया। चुनावों के लिए 27 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, वहीं प्रत्याशी 4 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं, महाराष्ट्र के साथ हरियाणा में भी 21 अक्टूबर को चुनाव होंगे और 24 को नतीजे आएंगे।
महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन से कड़ी टक्कर है, पिछली बार बीजेपी और शिवसेना ने चुनाव अलग-अलग लड़ा और पहली बार बीजेपी राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, बीजेपी को चुनाव में 122 सीटें हासिल हुई थीं, 145 के बहुमत से पीछे रहने के बाद पार्टी ने शिवसेना से गठबंधन किया था। और कांग्रेस एनसीपी को सत्ता से दूर रहना पड़ा था लेकिन 2019 के इस महासमर में एक तरफ शिवसेना बीजेपी ताल ठोक रहे हैं तो दूसरी तरफ एनसीपी-कांग्रेस ने बिसात बिछाई है और इन सबका खेल बिगाड़ने के लिए हैं वंचित बहुजन अघाड़ी और कुछ हद तक एमएनएस भी।
बीजेपी के बाद शिवसेना 63 विधायकों के साथ दूसरे नंबर पर रही तो कांग्रेस के 42 और एनसीपी के 41 विधायक जीत हासिल कर सके थे। लेकिन इस बार प्रकाश आंबेडकर की पार्टी वंचित बहुजन अघाड़ी भले की लोकसभा चुनाव में 48 में से 47 सीट हार गई हो पर वंचित बहुजन अघाड़ी को लोकसभा चुनाव में 8% वोट मिले, प्रकाश आंबेडकर ने जिस सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग कर उम्मीदवारों को टिकट दिया उसने कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को बड़ा नुकसान पहुंचाया, राज्य की 10 लोकसभा सीटों पर वंचित बहुजन अघाड़ी के उमीदवारों को 1 लाख से ज्यादा वोट मिले।
इस विधानसभा चुनाव से पहले वंचित बहुजन अघाड़ी और एमआईएम के बीच गठबंधन नही हो सका लेकिन लोकसभा चुनाव की तरह ही अगर प्रकाश आंबेडकर की पार्टी का वोट शेयर बढ़ा तो प्रकाश आंबेडकर किंग मेकर बन सकते हैं। वही राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस ने भी अभी तक अपने पत्ते नही खोले है। राज ठाकरे ने मुंबई में पार्टी नेताओ की बैठक में देश के आर्थिक हालात का मुद्दा सामने रखा, पार्टी के लिए उम्मीदवारों को फंड देना भी मुश्किल हो रहा है, साथ एमएनएस के गिरते ग्राफ से पार्टी का मोरल गिरा हुआ है।
शिवसेना – बीजेपी की तरफ से आते बयानों को सुनने के बाद ऐसा लग रहा है कि गठबंधन पर फंसा पेच और उलझता जाएगा। सीएम फडणवीस विधानसभा का चुनाव गठबंधन में लड़ना चाहते है शिवसेना के सामने बीजेपी ने 119 सीटों का ऑफर रखा है जो शिवसेना को मंजूर नहीं है। ऐसे में आने वाला एक महीना राजनीतिक सरगर्मियों से भरा रहेगा।
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